बन जुगनू जगमग कर जाएं, आओ मन का दीप जलाएंभेद भाव की छोड़ बुराई, भर मन में अपने अच्छाईदिल में जो अंधकार भरा है, दीपक दिल में बुझा पड़ा हैदिल से नफ़रत द्वेष मिटाएं , आओ मन का दीप जलाएं
बन जुगनू जगमग कर जाएं, आओ मन का दीप जलाएंभेद भाव की छोड़ बुराई, भर मन में अपने अच्छाईदिल में जो अंधकार भरा है, दीपक दिल में बुझा पड़ा हैदिल से नफ़रत द्वेष मिटाएं , आओ मन का दीप जलाएं